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एमवीएन विश्वविद्यालयए पलवल ने श्री बालाजी सेवार्थ समिति, गाजियाबाद के साथ हर घर स्वास्थ्य की संकल्पना पर निःशुल्क मानव सेवार्थ कार्यक्रम का आयोजन

पलवल (विनोद वैष्णव ) | एमवीएन विश्वविद्यालय पलवल के द्वारा प्रायोजित श्री बालाजी सेवार्थ कार्यक्रम के अंतर्गत निःशुल्क स्वास्थ्य जांचए नेत्र जांच निःशुल्क दवा वितरणए चश्मा वितरण अनाज व साड़ी वितरण शिविर और विशाल भण्डारे का आयोजन नसीब विहारए इलायचीपुर लोनी गाजियाबाद में मानव सेवार्थ किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मेडिसिन बाबा ओंकारनाथ व समाजसेवी सचिन गांधी एवं विशिष्ट अतिथि एमवीएन विश्वविद्यालय के भेषज विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्षए डॉ तरुण विरमानी,धनंजय खारी, उपाध्यक्ष युवा मोर्चा, भारतीय जनता पार्टी गाजियाबाद थे।
इस अवसर पर एमवीएन विश्वविद्यालय के विशिष्ट अतिथि डॉ तरुण विरमानी ने कहा कि नर ही नारायण है और नर की सेवा ही नारायण की सेवा है। इसलिए जीव की सेवा करना ही परमात्मा की सच्ची सेवा है। हमारे समाज में सामाजिक और आर्थिक रुप से पिछड़ लोगों के कल्याण व सेवार्थ हेतु कार्य करना चाहिएए इसी दिशा में एमवीएन एजुकेशनल सोसाइटी अपने फाउंडर फादर स्वर्गीय गोपाल शर्मा के आदर्शों को पूरा करने का प्रयास करता रहता है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मेडिसिन बाबा ने बताया कि उच्च जीवन की गुणवत्ता और जीवन प्रत्याशा के लिए मानवता की सेवा करना सबसे बड़ा धर्म है और यही भारत की सेवा करने के समान है। लाखों.करोड़ों पीड़ितों की सेवा करना जागृत और स्वतंत्र भारत के लिए आवश्यक है। अतः समाज के सभी अग्रणी लोगों को भारत के हर घर में स्वास्थ्य का अलख जगानेा के लिए अपने आपको समर्पित करना होगा। इस अवसर पर स्वास्थ्य शिविर का संचालन विकास जोगपाल के द्वारा उनकी टीम गिरीश मित्तल, रोहित सिंह तंवर, अश्विनी शर्मा, अजय डागर, अंकित राय आदि द्वारा किया गया।
कार्यक्रम के अंत में आयोजक अमित झा और वंदना झा ने एमवीएन एजुकेशनल सोसाइटी और एमवीएन विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो जे वी देसाई व कुलसचिव डॉ राजीव रतन का विशिष्ट आभार वयक्त किया कि डॉ तरूण विरमानी के माध्यम से इस तरह के कार्यक्रमों में बढ चढ कर भाग लेते हैं।
इस अवसर पर डॉ ज्योती गुप्ताए संकायाध्यक्ष,भेषज विभाग,एमवीएन विश्वविद्यालय ने सभी अतिथियोंए मुख्य अतिथियों, विशिष्ट अतिथियों, उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों का हार्दिक आभार व्यक्त किया कि उन्होंने मानवता की सेवा के लिए अपने अमूल्य समय को देखकर कृतार्थ किया।




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